“...आपको यह अनुभव होता है कि आपके भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इसका आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द
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“...आप को यह अनुभव होता है कि आप के भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इस का आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द

परमहंस योगानन्द

आध्यात्मिक गौरव ग्रंथ ‘योगी कथामृत’ के लेखक, योगानन्दजी विश्व के महान आध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाते हैं। उनकी क्रियायोग की ध्यान प्रविधि और “जीने की कला” शिक्षाओं ने लाखों के जीवन का उत्थान किया है।

योगदा सत्संग पाठमाला

योगदा सत्संग पाठमाला का अग्रेंज़ी संस्करण अब एक नये परिष्कृत और विस्तारित रूप में उपलब्ध है। इस संस्करण का हिंदी अनुवाद किया जा रहा है और यह कुछ समय बाद उपलब्ध होगा। इस दौरान उत्सुक साधक पाठमाला के पूर्व संस्करण का हिंदी अनुवाद आवेदन कर प्राप्त कर सकते हैं।

ऑनलाइन ध्यान केंद्र

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया के ऑनलाइन ध्यान केंद्र में संन्यासियों द्वारा संचालित ध्यान-सत्रों, रिट्रीटों, और कार्यक्रमों में आप का स्वागत है।

सुरक्षा के आंतरिक स्रोत से जुड़ना

विश्व की वर्तमान परिस्थिति से जूझने के लिये हमारी साईट पर आपके लिए उपलब्ध संसाधन


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