वह जो निष्ठा पूर्वक, एक सच्चे गुरु का अनुसरण करता है, उसके जैसा ही बन जाता है, क्योंकि गुरु अपने शिष्य को बोध के अपने स्तर तक उत्थान में सहायता करता है।

— परमहंस योगानन्द

वाईएसएस संन्यासियों द्वारा हिंदी एवं अंग्रेज़ी में छह घंटे के ऑनलाइन विशेष लम्बे ध्यान का संचालन किया गया जिसमें भक्तों द्वारा सच्चे गुरुओं के आशीर्वाद का आह्वान किया गया जो निरंतर अंधकार को दूर हटाते हैं और मानवता के लिए आध्यात्मिक प्रकाश लाते हैं।

परमहंस योगानन्दजी ने सामूहिक ध्यान को, साधना की गहनता बढ़ाने के लिए बहुमूल्य बताया है। गुरु पूर्णिमा (शनिवार, 24 जुलाई) और महावतार बाबाजी स्मृति दिवस (रविवार, 25 जुलाई) के विशेष दिनों को मनाने की तैयारी में, इस विशेष लम्बे ध्यान नें हमारी चेतना को वाईएसएस गुरुओं, विशेष रूप से महावतार बाबाजी और परमहंस योगानन्दजी की महान गुरु परंपरा के साथ समस्वर होने में सहायता की। इसने हमें देश दुनिया में अन्य अनुयायियों के साथ ध्यान व ईश संवाद की उन्नत अवधि में भाग लेने का अवसर भी प्रदान किया।

ध्यान, शक्ति-संचार व्यायाम से आरंभ हुआ, तत्पश्चात प्रेरक पठन, कीर्तन और ध्यान की अवधियां हुईं। सत्र का समापन, गुरुजी की आरोग्यकारी प्रव्रिधि तथा समापन प्रार्थना से हुआ।