ध्यान ही एकमात्र मार्ग है जिसके द्वारा व्यक्ति स्वयं को योग की आन्तरिक स्थिरता में स्थाई रूप से स्थापित कर सकता है।

— ईश्वर-अर्जुन संवाद : श्रीमद्भगवद्गीता, श्लोक 2:48

भगवान कृष्ण के जन्म की पावन स्मृति के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को वाईएसएस संन्यासियों द्वारा एक विशेष आठ घंटे के लंबे ध्यान का संचालन किया गया।

ध्यान दो सत्रों में आयोजित किया गया। पहले ध्यान-सत्र का आरंभ शक्ति-संचार व्यायाम से हुआ ; और दोनों सत्रों में प्रेरक पाठन, चैंटिंग की अवधि और ध्यान की अवधि शामिल थी। ध्यान-सत्र का समापन गुरुजी की आरोग्यकारी प्रविधि व समापन प्रार्थना के साथ हुआ।

ध्यान-सत्र अंग्रेज़ी तथा हिंदी में आयोजित किये गए।

कार्यक्रम इस प्रकार था :

  • पहला सत्र : सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक
  • अंतराल : दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक
  • दूसरा सत्र : दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक

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