मेरा स्वरूप प्रेम है; क्योंकि यह केवल प्रेम ही है, जो इस संसार को बदल सकता है।

— महावतार बाबाजी

25 जुलाई को, वाईएसएस द्वारा महावतार बाबाजी स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है, उस शुभ अवसर के उपलक्ष्य में जब बाबाजी परमहंस योगानन्दजी के पैतृक घर कोलकाता में, विश्वव्यापी क्रियायोग प्रसार मिशन के लिए अमेरिका जाने वाले योगानन्दजी को आशीर्वाद देने पधारे थे।

लाहिड़ी महाशय ने हमें यह आश्वासन दिया है, “जब भी कोई श्रद्धा के साथ बाबाजी का नाम लेता है, वह भक्त तत्क्षण एक दिव्य आशीर्वाद को आकर्षित करता है।”

महावतार बाबाजी की स्मृति में एक विशेष ऑनलाइन ध्यान रविवार, 25 जुलाई को आयोजित किया गया। वाईएसएस संन्यासियों द्वारा संचालित, अंग्रेज़ी व हिंदी में दो सत्र थे। इन में पठन, भक्तिमय कीर्तन और ध्यान के सत्र शामिल थे।