प्रत्येक भक्त को, ईश्वरीय इच्छाशक्ति के अपने बोध को प्रार्थनाओं, ध्यान में ईश-सम्पर्क द्वारा, तथा आध्यात्मिक साहचर्य द्वारा सशक्त बनाना चाहिए।

— परमहंस योगानन्द

28 नवंबर को वाईएसएस संन्यासियों द्वारा संचालित, छ: घंटे के लम्बे ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। ध्यान का आरंभ शक्ति संचार व्यायाम के अभ्यास से हुआ, जिसके उपरांत प्रेरक पठन, ध्यान और चैंटिंग की अवधियाँ थीं। कार्यक्रम का समापन गुरुजी की आरोग्यकारी प्रविधि तथा प्रार्थना द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम का संचालन दो सत्रों में किया गया:

प्रथम सत्र: सुबह 6:10 बजे से 9:30 बजे तक (भारतीय समयानुसार)
अंतराल: सुबह 9:30 से 10:00 बजे तक (भारतीय समयानुसार)
द्वितीय सत्र: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (भारतीय समयानुसार)