परमहंस योगानन्दजी ने सिखाया था कि नव-वर्ष के आगमन का समय आत्म-निरीक्षण करने तथा अपने सार्थक लक्ष्यों और महत्त्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्प लेने का सर्वोत्तम समय है। इस प्रयास में हमारी सहायता करने के लिए उन्होंने ध्यान द्वारा नव-वर्ष में पदार्पण करने की परम्परा को स्थापित किया था। नव-वर्ष की पूर्व संध्या के अवसर पर इस विशेष ध्यान-सत्र का संचालन योगदा संन्यासी द्वारा गुरुवार, 31 दिसम्बर, 2020 को रात्रि 11:30 बजे से शुक्रवार, जनवरी 1, 2021, रात्रि 12:30 बजे तक (भारतीय समयानुसार) किया गया था।

इस ध्यान-सत्र की वीडिओ रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।

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