18 सितम्बर को, शाम 6:30 से 7:30 बजे तक, एक वाईएसएस संन्यासी ने परमहंस योगानन्दजी की ‘आदर्श-जीवन’ की शिक्षाओं पर आधारित एक प्रेरणात्मक सत्संग दिया।

सत्संग का विषय था “भक्त के जीवन में सेवा और साधना का महत्त्व”