हिंदी के लिए टेस्टपेज

सर्वाधिक बिक्री वाले आध्यात्मिक गौरवग्रंथ योगी कथामृत के लेखक, इस प्रिय जगत गुरु ने लाखों पाठकों को पूर्व के चिरस्थायी ज्ञान से परिचित कराया है। अब उन्हें पश्चिम में व्यापक रूप से योग का पिता माना जाता है उन्होंने 1917 में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया और 1920 में सेल्फ-रियलाइज़ेशन फ़ेलोशिप की स्थापना की, जो श्री श्री स्वामी चिदानंद गिरि जी के नेतृत्व में दुनिया भर में उनकी आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, जिन्होंने श्री श्री मृणालिनी माता जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी के रूप में पांचवें अध्यक्ष का पद ग्रहण किया।

यह अधिक पाठ है

Test126

शेयर करें

This site is registered on Toolset.com as a development site.